भारत में सबसे प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों में से एक सिविल सर्विसेज है। लेकिन अक्सर छात्रों के मन में सवाल आता है कि UPSC (Union Public Service Commission) और State PSC (State Public Service Commission) में क्या अंतर है? आइए इसे सरल भाषा में समझते हैं।
1. परीक्षा आयोजित करने वाला संगठन
- UPSC → केंद्र स्तर पर संघ लोक सेवा आयोग आयोजित करता है।
- State PSC → राज्य स्तर पर संबंधित राज्य लोक सेवा आयोग आयोजित करता है (जैसे BPSC, UPPCS, MPPSC)।
2. परीक्षा का उद्देश्य
- UPSC → IAS, IPS, IFS, IRS जैसी All India Services और Central Services के लिए।
- State PSC → राज्य प्रशासनिक सेवाओं (SDM, DSP, BDO, तहसीलदार आदि) के लिए।
3. पाठ्यक्रम (Syllabus)
- UPSC → राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर अधिक फोकस।
- State PSC → राष्ट्रीय विषय + राज्य विशेष विषय (इतिहास, भूगोल, संस्कृति)।
4. प्रतिस्पर्धा का स्तर
- UPSC → पूरे भारत से लाखों छात्र, बहुत उच्च स्तर की प्रतियोगिता।
- State PSC → केवल संबंधित राज्य के उम्मीदवार (लेकिन प्रतियोगिता भी कठिन होती है)।
5. भाषा माध्यम
- UPSC → हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों माध्यम उपलब्ध।
- State PSC → हिंदी, अंग्रेज़ी के अलावा राज्य की स्थानीय भाषा का महत्व अधिक।
6. पद और प्रमोशन
- UPSC → केंद्रीय स्तर पर उच्च पद (IAS/IPS आदि) और तेज प्रमोशन।
- State PSC → राज्य स्तर पर अधिकारी, लेकिन कुछ प्रमोशन के बाद IAS/IPS कैडर में भी शामिल हो सकते हैं।
✅ निष्कर्ष
- अगर आपका सपना है IAS, IPS जैसी ऑल इंडिया सर्विसेज, तो UPSC ही चुनें।
- अगर आप अपने राज्य में ही उच्च पदों पर काम करना चाहते हैं, तो State PSC आपके लिए सही विकल्प है।
दोनों ही परीक्षाएँ कठिन हैं, लेकिन सही रणनीति और निरंतर मेहनत से सफलता पाई जा सकती है।