Breaking News: 2025 में सिर्फ 1 दिन में होगी Court Marriage – सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन!

2025 में Court Marriage को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अब कई शहरों में विशेष परिस्थितियों में सिर्फ 1 दिन में कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। सरकार का उद्देश्य है कि विवाह प्रक्रिया को और सरल, सुरक्षित और तेज़ बनाया जाए, ताकि युवा अपनी इच्छा से कानूनी तरीके से विवाह कर सकें। यह सुविधा उन जोड़ों के लिए बड़ी राहत है, जिनके परिवार प्रेम विवाह के खिलाफ हैं, या जिन्हें सुरक्षा और कानून का संरक्षण चाहिए। ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज़ वेरिफिकेशन, और नज़दीकी कोर्ट में पेशी के बाद मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है।

1 दिन में कोर्ट मैरिज कैसे होती है?

2025 में एक दिन में कोर्ट मैरिज करवाने के लिए आवेदन प्रक्रिया तेज़ कर दी गई है। सबसे पहले आपको Marriage Registration Portal पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद दस्तावेज़ अपलोड किए जाते हैं और एक One-Day Special Appointment बुक की जाती है। दोनों पक्षों को तय समय पर कोर्ट में उपस्थित होना पड़ता है, जहाँ अधिकारी आपके दस्तावेज़ सत्यापित करके विवाह की घोषणा करते हैं। यदि सभी औपचारिकताएँ सही हों, तो उसी दिन Court Marriage Certificate जारी कर दिया जाता है। यह सुविधा सामान्यत: सुरक्षा, आपात स्थिति, गर्भावस्था, या परिवारिक विरोध के मामलों में उपलब्ध हो सकती है।

कोर्ट मैरिज की फीस कितनी लगती है?

भारत में कोर्ट मैरिज की फीस राज्य के अनुसार अलग-अलग होती है, लेकिन 2025 में औसतन शुल्क लगभग ₹500 से ₹1500 के बीच है। कुछ महानगरों में यह फीस थोड़ी अधिक हो सकती है, जहाँ Special One Day Marriage Appointment पर अतिरिक्त चार्ज भी लागू हो सकता है। यदि दस्तावेज़ नोटराइज़ कराना पड़े या वकील की सहायता ली जाए, तो खर्च बढ़ सकता है। इंटर–कास्ट या इंटर–रिलिजन मैरिज में Special Marriage Act 1954 के तहत अतिरिक्त फीस भी लग सकती है। ऑनलाइन आवेदन में सुविधा शुल्क भी शामिल हो सकता है, जो लगभग ₹100 से ₹300 तक होता है।

लड़की की शादी की उम्र कितनी होनी चाहिए?

कानून के अनुसार 2025 में लड़की की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष निर्धारित है। 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना या करवाना कानूनी अपराध है और इससे माता-पिता या संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई हो सकती है। विवाह रजिस्ट्रेशन के दौरान लड़की का Aadhaar, Birth Certificate, 10th Marksheet या PAN Card जैसे दस्तावेज़ों से उम्र सत्यापित की जाती है। यदि सही उम्र का प्रमाण नहीं होता या संदेह होता है, तो आवेदन रोक दिया जाता है। सरकार का उद्देश्य बाल विवाह रोकना और महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा और समान अधिकार प्रदान करना है।

बिना वकील के कोर्ट मैरिज कैसे करें?

2025 में बिना वकील के कोर्ट मैरिज करना पूरी तरह संभव है। इसके लिए आपको बस ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करना होता है। आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद कोर्ट में उपस्थित होकर विवाह की पुष्टि करनी होती है। गवाह और पहचान प्रमाण साथ में होने चाहिए। कई राज्यों में e-Mitra, CSC केंद्र, Jan Seva Kendra के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। लेकिन यदि आपके परिवार में विरोध की स्थिति है या कानूनी जटिलताएँ हो सकती हैं, तो वकील की सलाह लेना सुरक्षित विकल्प माना जाता है, ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो।

क्या मैं बिना वकील के कोर्ट मैरिज कर सकता हूं?

जी हाँ, आप बिना वकील के भी कोर्ट मैरिज कर सकते हैं। कानून के अनुसार वकील का रहना अनिवार्य नहीं है। सरकारी पोर्टल ने पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया है, जिससे युवा जोड़े स्वयं पूरे दस्तावेज़ जमा करके विवाह करवाने में सक्षम हैं। हालांकि, यदि आपके मामले में Inter-Religion Marriage, सुरक्षा की समस्या, या परिवारिक धमकी जैसी स्थिति हो, तो वकील लेना समझदारी है। कई बार गलत फॉर्म भरने, गलत दस्तावेज़ अपलोड करने या प्रक्रिया समझ न आने पर आवेदन रद्द हो सकता है, इसलिए कानूनी जानकारी का होना जरूरी है।

अगर माता-पिता प्रेम विवाह के खिलाफ हों, तो क्या करना है?

यदि माता-पिता प्रेम विवाह के खिलाफ हैं, तो सबसे पहले आपको अपनी सुरक्षा और कानूनी अधिकार समझने चाहिए। भारत का संविधान प्रत्येक वयस्क को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार देता है। ऐसे मामलों में आप District Protection Officer, Love Marriage Helpline या Court Protection Petition दाखिल कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर पुलिस सुरक्षा भी मिल सकती है। NALSA और राज्य विधिक प्राधिकरण भी कानूनी सहायता प्रदान करते हैं। किसी भी प्रकार की धमकी, हिंसा या दबाव की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराना जरूरी है, ताकि विवाह सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।

कोर्ट मैरिज में गवाह कौन बन सकता है?

कोर्ट मैरिज के लिए कम से कम दो गवाह जरूरी होते हैं। गवाह कोई भी वयस्क व्यक्ति हो सकता है, जिसका आधार, वोटर आईडी या अन्य पहचान दस्तावेज उपलब्ध हो। गवाह रिश्तेदार, दोस्त, पड़ोसी, सहकर्मी, या परिवार का कोई विश्वसनीय व्यक्ति भी हो सकता है। गवाह की मुख्य जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि विवाह दोनों पक्षों की सहमति से हुआ है। गवाह को कोर्ट में उपस्थित होकर हस्ताक्षर करने पड़ते हैं, इसलिए ऐसे लोगों को ही गवाह बनाएं जो निर्धारित समय पर उपलब्ध हो सकें।

कोर्ट मैरिज कितने दिन में पक्की होती है 2025 में?

2025 में आमतौर पर Court Marriage प्रक्रिया 15 से 30 दिनों में पूरी होती है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में यह 1 दिन में भी संभव है। सामान्य प्रक्रिया में आवेदन के बाद 30 दिन की नोटिस अवधि रखी जाती है, ताकि किसी प्रकार की आपत्ति हो तो उसे दर्ज किया जा सके। यदि किसी ने आपत्ति नहीं की, तो विवाह की रजिस्ट्री पूरी हो जाती है और Court Marriage Certificate जारी कर दिया जाता है। आपात स्थिति, सुरक्षा के मामलों में समय कम किया जा सकता है, जिस पर अधिकारी का अंतिम निर्णय होता है।

कोर्ट मैरिज में कितने सबूत चाहिए?

कोर्ट मैरिज में पहचान, उम्र और पते के प्रमाण आवश्यक होते हैं। मुख्य दस्तावेज़ इस प्रकार हैं:

✔ आधार कार्ड / PAN / पासपोर्ट
✔ जन्म प्रमाण पत्र / 10वीं की मार्कशीट
✔ पासपोर्ट साइज फोटो
✔ दो गवाहों के पहचान पत्र
✔ अविवाहित प्रमाण पत्र (कई राज्यों में आवश्यक)

यदि पहले शादी हो चुकी है, तो तलाक डिक्री या पति/पत्नी की मृत्यु प्रमाण पत्र की भी आवश्यकता पड़ती है। सभी दस्तावेज़ स्पष्ट, वैध और अपडेटेड होने चाहिए, वरना आवेदन रुक सकता है।

शादी के कितने साल बाद दहेज का केस नहीं लगता है?

दहेज कानून Indian Dowry Prohibition Act के तहत लागू होता है और इसका कोई निश्चित समय सीमा नहीं है। यानी विवाह के कई साल बाद भी यदि दहेज माँग या उत्पीड़न साबित होता है, तो मामला दर्ज किया जा सकता है। हालांकि दहेज उत्पीड़न के अधिकतर मामले IPC Section 498A के तहत दर्ज होते हैं, जिसमें आमतौर पर शिकायत 3 साल के भीतर दर्ज करने पर केस मजबूत माना जाता है। यदि अत्याचार जारी रहता है, तो समयसीमा नहीं लागू होती और मामला आगे भी दर्ज कराया जा सकता है।

कोर्टहाउस मैरिज में कितना समय लगता है?

कोर्टहाउस मैरिज में लगने वाला समय दस्तावेज़ों की उपलब्धता और प्रक्रिया की जटिलता पर निर्भर करता है। सामान्यत: पूरे प्रोसेस में 1 से 3 घंटे का समय लग जाता है, जिसमें दस्तावेज़ सत्यापन, बयान दर्ज करना, और विवाह की घोषणा शामिल होती है। यदि भीड़ या किसी कानूनी जाँच की आवश्यकता हो, तो यह समय थोड़ा बढ़ सकता है। यदि आपका Slot सुबह का हो, तो आमतौर पर Certificate दोपहर तक जारी हो सकता है। सुरक्षित और तेज़ प्रक्रिया के लिए दस्तावेज़ पहले से तैयार रखना बहुत जरूरी है।

(Conclusion)2025 में Court Marriage की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी सरल और पारदर्शी हो गई है। अब कई मामलों में यह सिर्फ 1 दिन में पूरी की जा सकती है, जिससे युवा अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने में सक्षम हैं। यदि परिवार विरोध करता है, तो कानून आपके साथ खड़ा है और आप पूरी सुरक्षा के साथ विवाह कर सकते हैं। सही दस्तावेज़, गवाह और आवेदन प्रक्रिया को समझकर आप आसानी से Court Marriage करवा सकते हैं।

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