Dhan ka Bhav today: 12 नवंबर 2025 धान का भाव ।। धान के भाव में तूफानी तेजी देखे भाव,
Dhan ka Bhav today) आज 12 नवंबर 2025 को देश की अलग-अलग कृषि मंडियों में धान के दामों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में भाव धीरे-धीरे ऊपर जा रहे थे, लेकिन आज की मंडियों में बोली और मजबूत दिखाई दी। व्यापारी और मिल मालिक अधिक मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं क्योंकि त्यौहारों और निर्यात की मांग बढ़ गई है। वहीं किसानों की तरफ से आवक सीमित है, जिससे भाव और मजबूत बने हुए हैं। इस स्थिति ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है क्योंकि उन्हें अपने उत्पाद का सही मूल्य मिल रहा है।
धान के भाव में तेजी का मुख्य कारण क्या है?
धान के भाव में इस तेज़ी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। सबसे पहले, देश के कई राज्यों में इस साल बारिश असमान रही, जिसके कारण धान की फसल में कुछ क्षेत्रों में नुकसान हुआ। इससे उत्पादन में गिरावट की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच बाजार में त्योहारी और अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ी है, जिससे व्यापारी तेजी से स्टॉक भर रहे हैं। किसानों की ओर से बिक्री कम होने के कारण बाजार में उपलब्धता सीमित हो गई है। जब मांग अधिक और आपूर्ति कम हो, तो यह स्वाभाविक है कि दाम ऊपर जाते हैं। यही स्थिति आज मंडियों में देखने को मिल रही है।
देश की मंडियों में खरीदारी का माहौल
देश की प्रमुख मंडियों में आज सुबह से खरीदारी में तेजी का माहौल देखा गया। बड़े व्यापारी और राइस मिल संचालक धान की क्वालिटी देखकर ऊँचे दामों पर खरीदारी कर रहे हैं। खासकर, बासमती और प्रीमियम किस्मों पर अच्छी बोली लग रही है। वहीं सामान्य किस्मों के लिए भी पहले की तुलना में बेहतर रेट दिए जा रहे हैं। किसान अपने धान को बाजार लाने से पहले साफ-सफाई और नमी का स्तर सही रख रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छी बोली मिल रही है। इस खरीदारी के माहौल से आने वाले दिनों में भाव और मजबूत रहने की संभावना बढ़ गई है।
मौसम के कारण आवक में कमी
धान की आवक पर मौसम का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। कई क्षेत्रों में कटाई का काम देरी से शुरू हुआ, जिससे मंडियों में धान की कुल मात्रा सामान्य दिनों की तुलना में कम आ रही है। जिन जगहों पर समय पर कटाई हुई, वहां से भी किसान अपनी उपज को तुरंत बेचने की बजाय कुछ दिनों तक संग्रह कर रहे हैं ताकि उन्हें बेहतर दाम मिल सके। इस स्थिति में बाजार में धान की उपलब्धता सीमित हो गई है, और जब वस्तु कम होती है तो उसका दाम स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। यही कारण है कि आज धान के रेट में तेजी देखने को मिल रही है।
किसानों के लिए राहत के संकेत
धान के बढ़ते भाव किसानों के लिए राहतभरी खबर है। पिछले कुछ महीनों से किसानों को अपने उत्पाद के लिए औसत या कम दाम मिल रहे थे, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही थी। लेकिन अब स्थिति बदलती दिखाई दे रही है। बाजार में मांग लगातार बनी हुई है, और यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो किसानों को आने वाले हफ्तों में भी बढ़िया रेट मिल सकते हैं। जो किसान अभी बिक्री नहीं करना चाहते, वे थोड़े समय तक धान को सुरक्षित रूप से संग्रह कर सकते हैं, जिससे उन्हें भविष्य में और अच्छे दाम प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
व्यापारियों और मिल संचालकों की रणनीति
व्यापारी और राइस मिल संचालक इस समय बाजार पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। वे यह समझते हैं कि यदि आने वाले दिनों में आवक और कम हो गई, तो उन्हें स्टॉक के लिए अधिक दाम चुकाने पड़ सकते हैं। इसलिए, वे अभी अधिक मात्रा में धान की खरीद कर रहे हैं, ताकि बाद में उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। व्यापारी इस समय ऐसी किस्मों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं जिनकी मांग स्थानीय के साथ-साथ निर्यात बाजार में भी है। इस तरह की सक्रिय खरीदारी बाजार में तेजी को और मजबूत कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
धान का बाजार केवल घरेलू मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी बड़ा प्रभाव रहता है। एशिया और मध्य पूर्व के कई देशों में भारतीय चावल की मांग काफी अधिक है। जब विदेशों से ऑर्डर बढ़ते हैं, तो देश के भीतर मिल और व्यापारी अधिक मात्रा में धान खरीदना शुरू कर देते हैं। इस बार भी यही स्थिति है। निर्यात के लिए तैयार चावल का उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए मिल मालिक बाजार से अच्छी क्वालिटी का धान खरीद रहे हैं। इस बढ़ती मांग ने धान के दाम को और ऊपर पहुंचा दिया है।
आगे क्या स्थिति रह सकती है?
आने वाले दिनों में धान के भाव में क्या बदलाव आएगा, यह काफी हद तक मंडियों में आने वाली आवक पर निर्भर करेगा। यदि किसान अपनी उपज की आपूर्ति बढ़ाते हैं, तो बाजार स्थिर हो सकता है। लेकिन यदि आवक सीमित ही रहती है, तो धान के भाव में और वृद्धि संभव है। मौसम की स्थिति और सरकारी खरीद की नीतियों का भी इसमें बड़ा प्रभाव रहेगा। फिलहाल, बाजार में तेजी का रुझान स्थिर दिखाई दे रहा है, और भाव में गिरावट की संभावना कम ही है।
आज 12 नवंबर 2025 के दिन धान के भाव में तेज उछाल ने किसानों को राहत दी है। मांग ज्यादा और आपूर्ति कम होने की वजह से मंडियों में धान की बोली बढ़ी है। आने वाले समय में बाजार की स्थिति मौसम, आवक और निर्यात पर निर्भर करेगी, लेकिन फिलहाल बाजार में मजबूत तेजी बनी रहने के आसार हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मंडी भाव पर नियमित नजर रखें और सही समय देखकर ही बिक्री करें। इस समय धैर्य और समझदारी सबसे बड़ा लाभ दे सकती है।